फरीदाबाद: शहर के जीवन नगर पार्ट-2 से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। यहां खेलते-खेलते एक मासूम बच्चा पानी से भरी बाल्टी में गिर गया। हादसे के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजन बच्चे को बचाने के लिए आनन-फानन में निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मासूम की मौत की खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस बच्चे के साथ परिवार की खुशियां जुड़ी थीं, उसकी अचानक मौत से पूरा परिवार सदमे में है। आसपास के लोगों में भी घटना को लेकर शोक का माहौल बना हुआ है।
खेलते-खेलते हुआ दर्दनाक हादसा
जानकारी के अनुसार बच्चा घर के आसपास खेल रहा था। इसी दौरान वह पानी से भरी बाल्टी में गिर गया। परिवार को जैसे ही हादसे की जानकारी मिली, उन्होंने बच्चे को बाहर निकाला और उसकी हालत को देखते हुए तुरंत इलाज के लिए निजी अस्पताल पहुंचाया।
परिजनों को उम्मीद थी कि समय पर इलाज मिलने से बच्चे की जान बच जाएगी, लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार में मातम पसर गया।
निजी अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप
बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने निजी अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। परिवार का आरोप है कि अस्पताल में बच्चे के इलाज के दौरान लापरवाही बरती गई। परिजनों का कहना है कि उन्होंने बच्चे को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया था और इलाज की उम्मीद थी, लेकिन इसके बावजूद बच्चे की जान नहीं बच सकी।
परिवार ने अस्पताल की ओर से बनाए गए कथित भारी-भरकम बिल को लेकर भी नाराजगी जताई है। परिजनों का आरोप है कि बच्चे की मौत के बाद भी उनसे इलाज के नाम पर बड़ी रकम का बिल तैयार किया गया।
हालांकि, अस्पताल प्रबंधन की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर क्या पक्ष है, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता सामने आ सकेगी।
सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम की मांग
मासूम की मौत के बाद परिजनों ने बच्चे का पोस्टमार्टम सरकारी अस्पताल में करवाने की मांग की है। परिवार का कहना है कि पोस्टमार्टम के जरिए बच्चे की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होनी चाहिए।
परिजनों का कहना है कि वे यह जानना चाहते हैं कि बच्चे की मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या इलाज के दौरान किसी तरह की लापरवाही हुई थी। इसी वजह से परिवार सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाने पर जोर दे रहा है।
शव सौंपने को लेकर भी परिजनों ने उठाए सवाल
परिवार ने निजी अस्पताल प्रबंधन पर एक और गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि बच्चे की मौत के बाद शव सौंपने में भी कथित तौर पर आनाकानी की गई। इसे लेकर परिवार में नाराजगी देखने को मिली।
परिजनों का कहना है कि एक तरफ उन्होंने अपना मासूम बच्चा खो दिया और दूसरी तरफ शव को लेकर भी उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। परिवार पूरे मामले की जांच और उचित कार्रवाई की मांग कर रहा है।
पोस्टमार्टम और जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
फिलहाल बच्चे की मौत के मामले में सबसे अहम पोस्टमार्टम रिपोर्ट मानी जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वास्तविक वजह सामने आने में मदद मिल सकती है। वहीं, निजी अस्पताल पर लगाए गए इलाज में लापरवाही और बिल से जुड़े आरोपों की भी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की फिलहाल स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अस्पताल प्रबंधन या संबंधित अधिकारियों की ओर से आधिकारिक बयान सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और साफ हो सकेगी।
जीवन नगर पार्ट-2 की इस दर्दनाक घटना ने एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। मासूम की अचानक हुई मौत से हर कोई दुखी है। अब परिवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच से पूरे मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।
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