Tuesday , 28 July 2026
हरियाणा में डेयरी सेक्टर को बड़ा बूस्ट: 700 नए वीटा बूथ, महिलाओं को ₹10 प्रति लीटर प्रोत्साहन, साझा डेयरी योजना का ऐलान

हरियाणा में डेयरी सेक्टर को बड़ा बूस्ट: 700 नए वीटा बूथ, महिलाओं को ₹10 प्रति लीटर प्रोत्साहन, साझा डेयरी योजना का ऐलान

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाने और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से कई अहम घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि राज्यभर में वीटा नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा, महिला स्वयं सहायता समूहों को अतिरिक्त आर्थिक प्रोत्साहन मिलेगा और साझा डेयरी योजना के तहत गांवों में आधुनिक पशु शेड विकसित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य डेयरी क्षेत्र को आधुनिक तकनीक, बेहतर मार्केटिंग और मजबूत सहकारिता मॉडल के जरिए नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।

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महिला स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा ₹10 प्रति लीटर प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सहकारी समितियों से जुड़े महिला स्वयं सहायता समूहों को वीटा के लिए दूध उपलब्ध कराने पर ₹10 प्रति लीटर की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके साथ ही साझा डेयरी योजना के तहत पंचायतों की भूमि पर पशु शेड बनाए जाएंगे और पशु खरीदने के लिए आसान ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ेगी और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगी। सरकार ने दूध उत्पादकों को मिलने वाली मौसमी प्रोत्साहन राशि में भी वृद्धि की है। अब गर्मियों में ₹7 प्रति लीटर और सर्दियों में ₹5 प्रति लीटर की सहायता दी जाएगी। साथ ही वीटा दूध की मार्केटिंग को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त सहयोग देने का भी निर्णय लिया गया है।

प्रदेश में तेजी से बढ़ेगा वीटा नेटवर्क

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में अब तक 674 वीटा बूथ स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अलावा 318 नए बूथ जल्द खोले जाएंगे, जबकि 240 अन्य बूथों की प्रक्रिया जारी है। सरकार का लक्ष्य पूरे प्रदेश में करीब 700 से अधिक वीटा बूथों का मजबूत नेटवर्क तैयार करना है। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, पर्यटन स्थलों, ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों और सरकारी अस्पतालों में भी वीटा बूथ स्थापित किए जाएंगे ताकि उपभोक्ताओं तक उत्पाद आसानी से पहुंच सकें। मुख्यमंत्री ने बताया कि बावल में स्थापित किए जा रहे डेयरी प्लांट की क्षमता चरणबद्ध तरीके से 5 लाख लीटर प्रतिदिन तक बढ़ाई जाएगी। वहीं अंबाला में भी नया दुग्ध संयंत्र विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा प्रदेश के सभी जिलों में 21 मिल्क चिलिंग सेंटर स्थापित करने की योजना पर काम चल रहा है।

सहकारी समितियों का होगा डिजिटल विस्तार

बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य की 800 सहकारी समितियों में से 710 समितियों का ऑनलाइन पंजीकरण पूरा हो चुका है। सरकार शेष समितियों को भी जल्द डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर सेवाओं को अधिक पारदर्शी और आसान बनाने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने सीएम पैक्स को मल्टी-पर्पज सहकारी समितियों में विकसित करने पर भी जोर दिया, ताकि किसानों और ग्रामीणों को एक ही स्थान पर कई प्रकार की सुविधाएं मिल सकें।

चीनी मिलों और सहकारी संस्थाओं के लिए भी दिए निर्देश

मुख्यमंत्री ने सहकारी चीनी मिलों की कार्यक्षमता बढ़ाने, गन्ना उत्पादन को प्रोत्साहित करने, रिकवरी दर में सुधार और आधुनिक तकनीक अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने सहकारी संस्थाओं में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने और कृषि उपकरणों के बेहतर उपयोग की विस्तृत योजना तैयार करने को भी कहा।


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