झालावाड़,25 जुलाई 2025 : राजस्थान के झालावाड़ जिले में शुक्रवार सुबह पिपलोदी गांव के एक सरकारी स्कूल में बड़ा हादसा हो गया। स्कूल की जर्जर छत अचानक गिर पड़ी, जिससे 7 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में 12 बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए हैं और कुल 27 से अधिक बच्चे चोटिल बताए जा रहे हैं। हादसे के वक्त स्कूल में लगभग 60 से 70 छात्र उपस्थित थे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मलबे में दबे बच्चों को निकालने के लिए स्थानीय ग्रामीणों और स्कूल स्टाफ ने तत्परता से रेस्क्यू शुरू किया। जेसीबी और आपदा राहत बल की मदद से मलबा हटाया गया और सभी बच्चों को बाहर निकाला गया।
देशभर में शोक की लहर: PM, राष्ट्रपति और नेताओं की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए कहा, “यह दुर्घटना अत्यंत दुखद है। शोक संतप्त परिवारों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं।”
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा, “विद्यार्थियों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। ईश्वर परिवारों को इस पीड़ा को सहने की शक्ति दें।”
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शोक जताते हुए कहा, “यह घटना हृदयविदारक है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।” वे आज दोपहर डेढ़ बजे झालावाड़ पहुंचेंगे और घायल बच्चों व परिजनों से मुलाकात करेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कई प्रमुख नेताओं ने भी हादसे को दर्दनाक व असहनीय बताया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
कैसे हुआ हादसा? कौन जिम्मेदार?
स्थानीय लोगों के अनुसार, स्कूल की छत पहले से ही जर्जर स्थिति में थी। मरम्मत की बार-बार मांग के बावजूद जिम्मेदार विभागों ने कोई कदम नहीं उठाया। शुक्रवार सुबह जब कक्षा चल रही थी, तभी छत अचानक ढह गई और मासूम बच्चे उसकी चपेट में आ गए।
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