नई दिल्ली, 6 जुलाई 2025 — भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह न्यायिक फैसले नहीं, बल्कि उनका आधिकारिक बंगला है। रिटायरमेंट के आठ महीने बाद भी उन्होंने लुटियंस दिल्ली स्थित बंगला नंबर 5, कृष्णा मेनन मार्ग खाली नहीं किया है, जो अब मौजूदा CJI के लिए आवंटित है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने 1 जुलाई को शहरी विकास मंत्रालय को पत्र भेजकर बंगला तुरंत खाली कराने और सुप्रीम कोर्ट हाउसिंग पूल को सौंपने की मांग की। कोर्ट ने साफ किया कि तय नियमों के मुताबिक चंद्रचूड़ को अधिकतम 6 महीने तक ही Type VII कैटेगरी के बंगले में रहने की अनुमति थी, जबकि वे अब Type VIII कैटेगरी के बंगले में रह रहे हैं, जो सिर्फ वर्तमान CJI के लिए होता है।
पूर्व CJI चंद्रचूड़ ने सफाई देते हुए कहा कि उनके नए किराए के घर की मरम्मत अभी पूरी नहीं हुई है और उनकी बेटियों की गंभीर बीमारी (नेमालीन मायोपैथी) के चलते उन्हें विशेष सुविधा वाले घर की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बंगला खाली करने में देरी का कारण निजी व पारिवारिक है।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा सीधे केंद्र को औपचारिक रूप से ऐसा पत्र लिखना अभूतपूर्व माना जा रहा है। आमतौर पर रिटायर्ड जजों को कुछ अतिरिक्त समय मिल जाता है, लेकिन इस बार कोर्ट ने नियमों का हवाला देते हुए सख्त रुख अपनाया है।
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