चंडीगढ़, 2 जुलाई – हरियाणा सरकार ने पिछड़ा वर्ग के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत दी जाने वाली शगुन राशि में ₹10,000 की वृद्धि की है। अब इस योजना के अंतर्गत पात्र पिछड़ा वर्ग परिवारों को अपनी बेटियों के विवाह के अवसर पर ₹51,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, जो पहले ₹41,000 थी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए इसे पिछड़ा वर्ग कल्याण के क्षेत्र में एक मील का पत्थर बताया। उनका कहना है कि सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी परिवार आर्थिक तंगी के कारण बेटी के विवाह में असहाय न महसूस करे। इस बढ़ोतरी से न केवल आर्थिक बोझ कम होगा, बल्कि सामाजिक समरसता और सम्मान को भी बल मिलेगा।
यह योजना उन परिवारों के लिए है जिनकी वार्षिक आय ₹1.80 लाख या उससे कम है, साथ ही यह महिला खिलाड़ी और दिव्यांग जोड़ों को भी लाभान्वित करती है। इसके अलावा, अनुसूचित जाति, विमुक्त जाति और टपरीवास समुदाय को ₹71,000 की शगुन राशि मिलती है, जबकि विधवा, तलाकशुदा, अनाथ या बेसहारा महिलाएं जो पुनर्विवाह कर रही हैं उन्हें ₹51,000 की सहायता दी जाती है।
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी है, जिसके तहत विवाह के 6 माह के भीतर ऑनलाइन आवेदन shadi.edisha.gov.in पर किया जा सकता है। यह योजना न केवल आर्थिक मदद है, बल्कि हरियाणा सरकार की सामाजिक न्याय, समानता और समावेशन की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
इस पहल से राज्य के पिछड़ा वर्ग परिवारों को गर्व के साथ अपनी बेटियों का विवाह करने का अवसर मिलेगा, जो हरियाणा की सामाजिक प्रगति में एक नई मिसाल कायम करेगा।
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