हरियाणा सरकार ने स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक बड़ी पहल करते हुए हिसार, सोनीपत, जींद, मेवात और कैथल जिलों के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों को ऑन-कॉल उपलब्ध कराने की योजना शुरू की है। इस नई सुविधा का मकसद आपातकालीन और गंभीर मामलों में मरीजों को तुरंत विशेषज्ञ उपचार प्रदान करना है, जिससे इलाज में हो रही देरी को कम किया जा सके।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!विशेषज्ञ सेवाएं अब ऑन-कॉल
इस योजना के तहत अनस्थीसिया, सर्जरी, रेडियोलॉजी, गायनेकोलॉजी और पीडियाट्रिक्स जैसे अहम विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टर ऑन-कॉल रहेंगे। इससे अस्पतालों में तुरंत विशेषज्ञ सलाह और उपचार मिलने की संभावना बढ़ जाएगी, जो खासकर ग्रामीण और दूरदराज इलाकों के मरीजों के लिए वरदान साबित होगी।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का बयान
राज्य की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने इस पहल को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर आधारित पायलट प्रोजेक्ट बताया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच भी बेहतर होगी।
‘नो-नोड फॉर्मूला’ से होगा इलाज में सुधार
इस योजना में ‘नो-नोड फॉर्मूला’ नामक एक नई रणनीति अपनाई गई है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विशेषज्ञ सेवाएं बिना किसी बाधा के सीधे मरीज तक पहुंचें। इसका मतलब है कि मरीजों को बार-बार दूसरे अस्पतालों या डॉक्टरों के पास रेफर नहीं किया जाएगा, जिससे इलाज में देरी नहीं होगी और मरीज समय पर सही उपचार पा सकेंगे।
मरीजों को मिलेगी त्वरित और बेहतर सेवा
यह योजना खास तौर पर उन जिलों में शुरू की गई है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से इलाज में दिक्कतें आती थीं। अब मरीजों को गंभीर बीमारियों के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और स्वास्थ्य सेवाएं अधिक प्रभावी ढंग से संचालित होंगी।
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