चंडीगढ़, 23 मार्च: हरियाणा के पहले राज्य गीत की लॉन्चिंग को रोक दिया गया है। यह गीत विधानसभा के बजट सत्र में पेश किया जाने वाला था, लेकिन सोनीपत और फतेहाबाद के दो लेखकों के कॉपीराइट विवाद के कारण इसे फिलहाल लॉन्च नहीं किया जा सकेगा। राज्य गीत चयन कमेटी ने गीत को फाइनल कर लिया था, लेकिन अब विवाद सामने आया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!लेखकों के आरोप: लिरिक्स चोरी का मामला
सोनीपत की लेखिका और अभिनेत्री गीतू परी ने राज्य गीत के लिरिक्स पर चोरी का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि गीत के कई हिस्से उनके लिखे गीत से चुराए गए हैं। गीतू ने यह भी कहा कि उन्होंने अपने गीत में “जय-जय” शब्द दो बार लिखा था, जबकि राज्य गीत में इसे तीन बार लिखा गया है। इसके अलावा, फतेहाबाद के कृष्ण कुमार ने भी आरोप लगाया कि उनके द्वारा लिखे गए हरियाणवी गीत को हिंदी में ट्रांसलेट करके राज्य गीत में इस्तेमाल किया गया है। उनका कहना है कि 85 प्रतिशत लिरिक्स उनके गीत से लिए गए हैं, और इसका क्रेडिट उन्हें मिलना चाहिए।
राज्य गीत का रचनात्मक पक्ष
इस राज्य गीत को पानीपत के डॉ. बालकिशन शर्मा ने लिखा है। गीत में कुरुक्षेत्र की धरती, किसानों, खिलाड़ियों, सैनिकों और दूध-दही की महिमा का उल्लेख किया गया है। गीत को डॉ. श्याम शर्मा ने गाया है, जबकि पारस चोपड़ा ने इसे संगीतबद्ध किया है।
यह विवाद अब विधानसभा सेक्रेटरी के पास पहुंच चुका है, और इस मामले में किसी अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा की जा रही है।
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