धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के पावन पर्व पर ब्रह्मसरोवर के पावन तट पर सभी राज्यों की लोक संस्कृति के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे है। इसमें कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय व कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड द्वारा भी ललित कला विभाग के छात्रों द्वारा स्टॉल लगाया गया है, जो सभी के आकर्षण का केंद्र बना है। वहीं जनसंपर्क विभाग की राज्यस्तरीय प्रदर्शनी में हरियाणा के विकास कार्यों को दिखाया गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रोफेसर महा सिंह पुनिया ने बताया कि ललित कला विभाग के छात्रों के स्टॉल इस बार खास तौर पर लगाए गए हैं। जिससे कि बच्चों का आत्मनिर्भर बनाया जाए. इसके माध्यम से उन्हें अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए मंच प्रदान किया गया है। इस प्रदर्शनी में काफी संख्या में लोग अपने पोट्र्रेट बनवाने के लिए पहुंच रहें हैं तो वहीं कई लोगों ने पोट्र्रेट के ऑर्डर भी दिए हैं।
वहीं इस कार्यक्रम में हरियाणा की लोक संस्कृतिक के परिचायक आभूषण सबको अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में हरियाणा पवेलियन में लगे हरियाणावीं आभूषणों और परिधानों का स्टॉल सबको अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। पवेलियन में आने वाली महिलाएं व लड़कियां इस स्टॉल पर रुक कर रानीहार, कंठी, मटरमाला, छालरा,पीढ़ी बुनाई, खाट बुनाई, दामन, सहित अन्य आभूषणों को देखने के जुट रही हैं. सबसे ज्यादा महिलाएं रानीहार व मटरमाला खरीद रही है. हरियाणा पवेलियन में हरियाणा की संस्कृत दिखाई गई है। कलाकार अपनी प्रस्तुतियां पेश कर रहे हैं। हंसी-मजाक वह चुटकुले जैसी प्रस्तुतियां भी हरियाणा पवेलियन में देखने को मिल रही है हैं और साथ में यहां पर खान-पान भी दिखाया गया है।
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