उत्तरप्रदेश डेस्क- उत्तरप्रदेश में बहुमत से सत्ता में आई भाजपा सरकार का गठन होली के पहले होने की बात सामने आने के बाद अब इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि, प्रयागराज से इस बार किसे मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा। मिशन 2024 को देखते हुए इस बात की चर्चा ज्यादा है कि, योगी सरकार में इस बार जातीय समीकरण को ध्यान में रखते हुए ही मंत्रिमंडल का गठन होगा। चर्चा है कि, प्रयागराज के गंगापार एवं यमुनापार की विधानसभा सीट से जीते हुए विधायकों को इस बार सरकार में मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है।
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सरकार में जातीय समीकरण को ध्यान में रखते हुए ही मंत्री बनाए जाएंगे
वर्तमान योगी सरकार में प्रयागराज की शहर पश्चिम विधानसभा से सिद्धार्थ नाथ सिंह और दक्षिण विधानसभा से नंद गोपाल गुप्ता नंदी कैबिनेट मंत्री हैं। इसके अलावा डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भले ही विधानसभा चुनाव सिराथू से लड़े हों लेकिन, उन्हें प्रयागराज का ही माना जाता है। बता दें, इस बार नंदी और सिद्धार्थ ने एक बार फिर से चुनाव जीत लिया है। ऐसे में मंत्री के लिए उनकी दावेदारी तो बन ही रही है साथ ही गंगापार एवं यमुनापार से भी एक-एक विधायक को राज्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा सियासी गलियारे में शुक्रवार को रही। वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए प्रदेश सरकार में जातीय समीकरण को ध्यान में रखते हुए ही मंत्री बनाए जाएंगे।
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इन तीन सीटों में से किसी एक को सरकार में मंत्री का पद मिल सकता
प्रयागराज में पटेल वोटरों की पर्याप्त संख्या को देखते हुए फूलपुर विधानसभा सीट से तीसरी बार विधायक बने प्रवीण पटेल का नाम मंत्री पद के लिए चल रहा है। इसके अलावा यमुनापार से भाजपा ने इस बार कोरांव, बारा विधानसभा में दोबारा कब्जा तो जमाया ही, साथ ही पहली बार करछना भी जीत लिया। पार्टी में चर्चा है कि, यमुनापार की जीती हुई इन तीन सीटों में से किसी एक को सरकार में मंत्री का पद मिल सकता है। करछना से पीयूष रंजन की बात करें तो उन्हें निषाद पार्टी के कोटे से इस बार चुनाव लड़ाया गया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद द्वारा कम से कम मंत्री पद की दो सीट मांगे जाने की चर्चा है। अगर उनकी बात मान ली गई तो पीयूष का निषाद पार्टी के कोटे से मंत्री बनना तय है।
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