नेशनल डेस्क: भारत में फरवरी के मध्य तक ओमिक्रॉन के मामले चरम पर पहुंचेंगे और इसके साथ ही तीसरी लहर का अंत हो जाने की संभावना है। ये कहना है स्वास्थ्य विशेषज्ञों का। विशेषज्ञों की मानें तो कोविड-19 महाराष्ट्र स्टेट टास्क फोर्स के सदस्य डॉ. शशांक जोशी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि मुंबई और दिल्ली दोनों शहरों में ओमिक्रॉन का संक्रमण दक्षिण अफ्रीकी पैटर्न पर फैलते देखा गया है।
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महाराष्ट्र स्टेट टास्क फोर्स के सदस्य डॉक्टर का बयान
डॉक्टर ने कहा, ‘यह बहुत तेजी से आई विस्फोटक लहर है और उम्मीद है कि जितनी तेजी से आई है, उतनी ही तेजी से जाएगी। ओमिक्रॉन के मामले में मुंबई पहले ही शिखर पार कर चुका है, इसका संक्रमण समूचे महाराष्ट्र में फरवरी के पहले सप्ताह तक चरम पर पहुंच जाएगा।’

मुंबई के लीलावती अस्पताल में एंडोक्रिनोलॉजिस्ट जोशी ने कहा, ‘भारत के अधिकांश हिस्सों में ओमिक्रॉन के मामले पहली से 15 फरवरी के बीच चरम पर पहुंच सकते हैं। मार्च में मामले बहुत कम हो जाएंगे और उम्मीद है कि अप्रैल के बाद भारत को महामारी के कारण आ रहे व्यवधानों से मुक्त हो जाना चाहिए।’
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